8th Pay Commission Fitment Factor:8वां वेतन आयोग लागू हुआ तो सैलरी कितनी बढ़ेगी?

केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employees) और पेंशनर्स के लिए 8th Pay Commission को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर उनकी सैलरी और पेंशन कितनी बढ़ेगी? इसका जवाब “फिटमेंट फैक्टर” (Fitment Factor) में छिपा है।

आज के इस आर्टिकल में हम आसान भाषा में समझेंगे कि Fitment Factor क्या है, यह 8वें वेतन आयोग में कितना हो सकता है और इससे आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा।

What is Fitment Factor and Why it Matters?

सबसे पहले यह समझना जरुरी है कि फिटमेंट फैक्टर होता क्या है। सरल शब्दों में कहें तो यह एक ऐसा “गुणांक” (Multiplier) है जो आपकी बेसिक सैलरी (Basic Pay) को निर्धारित करता है।

जब भी नया वेतन आयोग आता है, तो सरकार आपकी पुरानी बेसिक सैलरी को एक ख़ास नंबर से गुणा (Multiply) करती है, जिससे आपकी नई बढ़ी हुई सैलरी तय होती है।

उदाहरण के लिए: 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इसका मतलब था कि अगर किसी की बेसिक सैलरी 100 रुपये थी, तो वह बढ़कर 257 रुपये हो गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर ही सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा क्योंकि यही तय करेगा कि सैलरी में कितनी बड़ी छलांग लगेगी।

Expected 8th Pay Commission Fitment Factor Range

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 8वें वेतन आयोग में यह नंबर क्या होगा? सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार इसके लिए तीन अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं:

1. Minimum 1.60 (DA Merger Base): जनवरी 2026 तक महंगाई भत्ता (DA) 60% तक पहुंचने की उम्मीद है। इसका मतलब है कि महंगाई को देखते हुए कम से कम 1.60 का फैक्टर तो तय है। यह गणितीय आधार है, लेकिन वास्तविक बढ़ोतरी इससे ज्यादा होने की उम्मीद है।

2. Likely Range (1.83 to 2.46): कई वित्तीय जानकारों का मानना है कि सरकार फिटमेंट फैक्टर को 1.83 से 2.46 के बीच रख सकती है।

3. Union Demand (High Increase): कर्मचारी यूनियन और फेडरेशन (जैसे FNPO) मांग कर रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर को 3.0 से 3.68 तक बढ़ाया जाए। अगर सरकार इसे मान लेती है, तो सैलरी में भारी उछाल आएगा।

Salary Hike Calculation: How to Check Your New Salary?

आप अपनी नई सैलरी का अनुमान एक सिंपल फॉर्मूले से लगा सकते हैं: New Basic Pay = Current Basic Pay x Fitment Factor

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं: मान लीजिए अभी किसी सैनिक या कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है।

Scenario 1 (Fitment Factor 1.92): अगर फैक्टर 1.92 रहता है, तो सैलरी लगभग 34,560 रुपये हो सकती है।

Scenario 2 (Fitment Factor 2.86): अगर फैक्टर 2.86 होता है, तो 18,000 वाली सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये हो जाएगी।

Scenario 3 (Employee Demand 3.0): अगर यूनियन की मांग मानी गई और फैक्टर 3.0 हुआ, तो न्यूनतम सैलरी 54,000 रुपये तक पहुंच सकती है।

(नोट: यह गणना केवल बेसिक पे के लिए है, इसमें HRA और अन्य भत्ते अलग से जुड़ेंगे)

Impact on House Rent Allowance (HRA)

फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का सीधा असर आपके HRA पर भी पड़ेगा। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक जाता है, तो लेवल 1-3 के कर्मचारियों के हाउस रेंट अलाउंस में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

7वें वेतन आयोग में HRA की दरें 27%, 18% और 9% (शहर के अनुसार) थीं। 8वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ-साथ HRA की रकम भी अपने आप बढ़ जाएगी, जिससे महँगे शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

Conclusion: When will 8th Pay Commission be implemented?

8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और इसकी सिफारिशें 2026 की शुरुआत से लागू होने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी रिपोर्ट सबमिट करने और सरकार द्वारा अंतिम फैसला लेने में 2027 तक का समय लग सकता है, लेकिन एरियर (Arrears) 1 जनवरी 2026 से मिलने की संभावना है।

Sainik News के पाठकों के लिए सलाह है कि वे आधिकारिक घोषणा का इंतज़ार करें। लेकिन मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए यह साफ़ है कि आने वाला समय सैलरी और पेंशन में एक बड़ी बढ़ोतरी लेकर आएगा।

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