Introduction
क्या आप बेल्ट की नौकरी (Belt force job) और देश सेवा का सपना देख रहे हैं? अगर हाँ, तो Central Industrial Security Force (CISF) आपके लिए एक बेहतरीन और सुरक्षित करियर विकल्प हो सकता है। अक्सर युवाओं के मन में यह सवाल होता है कि आर्मी और पुलिस की तरह CISF ki duty kahan lagti hai?
आपको जानकर हैरानी होगी कि CISF भारत का एकमात्र ऐसा अर्धसैनिक बल (Paramilitary Force) है जो न केवल सरकारी कारखानों बल्कि ताज महल, दिल्ली मेट्रो और यहाँ तक कि रिलायंस और इंफोसिस जैसी प्राइवेट कंपनियों की भी सुरक्षा करता है। 1969 में अपनी स्थापना के बाद से, यह बल आज लगभग 1.63 लाख से अधिक जवानों के साथ देश की ‘आर्थिक रीढ़’ की रक्षा कर रहा है,। इस लेख में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि भर्ती होने के बाद आपकी पोस्टिंग कहाँ-कहाँ हो सकती है।
1. CISF Deployment in Airports and Metro Rail (एयरपोर्ट और मेट्रो में तैनाती)
CISF की सबसे प्रमुख और हाई-प्रोफाइल ड्यूटी हवाई अड्डों और मेट्रो स्टेशनों पर होती है। यदि आप शहर के माहौल में नौकरी करना पसंद करते हैं, तो यह बल आपके लिए सही है।
• Airport Security (एयरपोर्ट सुरक्षा): वर्तमान में देश के 66 प्रमुख हवाई अड्डों (Airports) की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF के पास है। इसमें नई दिल्ली, मुंबई, और बैंगलोर जैसे अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं। यहाँ जवानों का काम यात्रियों की जांच (Frisking), लगेज स्कैनिंग और एंटी-हाईजैकिंग (Anti-hijacking) सुरक्षा सुनिश्चित करना है,।
• Delhi Metro Security (दिल्ली मेट्रो सुरक्षा): 2007 से CISF दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की सुरक्षा संभाल रही है। 250 से अधिक स्टेशनों और लाखों यात्रियों की सुरक्षा के लिए यहाँ 12,000 से अधिक जवान तैनात हैं। इसमें क्विक रिएक्शन टीम (QRT) और डॉग स्क्वाड भी शामिल हैं,।
2. Protection of PSUs and Critical Infrastructure (सरकारी उपक्रमों और महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा)
CISF का मुख्य उद्देश्य ही “औद्योगिक सुरक्षा” है। भर्ती के बाद आपकी ड्यूटी देश के उन संस्थानों में लग सकती है जो भारत की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं।
• Space & Atomic Centers: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के लॉन्च सेंटर (जैसे श्रीहरिकोटा) और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (Atomic Power Plants) की सुरक्षा CISF करती है। यह बहुत ही संवेदनशील ड्यूटी मानी जाती है,।
• Seaports & Steel Plants: देश के बड़े समुद्री बंदरगाहों (जैसे विशाखापत्तनम, पारादीप) और भिलाई, बोकारो, राउरकेला जैसे बड़े स्टील प्लांट्स में भी CISF तैनात रहती है,।
• Historical Monuments: क्या आप जानते हैं कि Taj Mahal (ताजमहल) और Red Fort (लाल किला) की सुरक्षा भी CISF के जवान ही करते हैं?,।
3. CISF Security in Private Sector Companies (प्राइवेट कंपनियों में ड्यूटी)
यह भारत का एकमात्र ऐसा बल है जिसे निजी क्षेत्र (Private Sector) को सुरक्षा देने का अधिकार है। 2009 में नियमों में बदलाव के बाद, अब CISF कई बड़ी प्राइवेट कंपनियों को भी सुरक्षा देती है, जिसका खर्चा वो कंपनियां खुद उठाती हैं।
नीचे दी गई टेबल में देखें कि CISF किन प्राइवेट कंपनियों की सुरक्षा करती है:
| Company/Place (कंपनी/स्थान) | Location (स्थान) |
|---|---|
| Infosys Technologies | Bangalore, Mysore, Pune |
| Reliance Industries | Jamnagar Refinery (Gujarat), Mumbai |
| Tata Steel | Kalinganagar (Odisha) |
| Patanjali Food & Herbal Park | Haridwar |
| Bharat Biotech | Hyderabad |
| Nayara Energy Ltd. | Jamnagar |
4. VIP Security and Specialized Wings (वीआईपी सुरक्षा और फायर विंग)
CISF के पास एक विशेष विंग है जिसे Special Security Group (SSG) कहा जाता है। यह विंग गृह मंत्रालय के आदेश पर देश के वीआईपी (VIPs) और वीवीआईपी (VVIPs) लोगों को Z Plus, Z, Y और X कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान करती है। इसके अलावा, CISF के पास अपनी खुद की Fire Wing भी है, जो किसी भी औद्योगिक आगजनी या आपदा से निपटने में सक्षम है,,।
हाल ही में, संसद भवन (Parliament House) की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दिल्ली पुलिस से लेकर CISF को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
Conclusion
CISF की ड्यूटी बहुत ही विविधतापूर्ण (diverse) है। जहाँ एक तरफ आपको अत्याधुनिक हथियारों के साथ एयरपोर्ट और मेट्रो में स्मार्ट पुलिसिंग करने का मौका मिलता है, वहीं दूसरी तरफ आप देश की ऐतिहासिक धरोहरों और परमाणु केंद्रों की रक्षा करते हैं। अगर आप शहर के पास रहना चाहते हैं और एक अनुशासित बल का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो CISF एक बेहतरीन विकल्प है।



