चेन्नई में फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाला पूर्व CISF जवान गिरफ्तार

चेन्नई में फर्जी पुलिस बनकर लूट करने वाला पूर्व CISF जवान गिरफ्तार, 15 साल से देता रहा वारदातों को अंजाम (Cisf Chennai News)

चेन्नई | CISF न्यूज़ | सैनिक न्यूज़

देश की सुरक्षा में तैनात रहने वाली Central Industrial Security Force (CISF) से बर्खास्त एक पूर्व जवान का नाम जब अपराध की दुनिया में सामने आया, तो हर कोई चौंक गया। चेन्नई में पुलिस ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्गों को निशाना बनाता था और उनसे सोने के गहने लूट लेता था।

🔴 क्या है पूरा मामला?

चेन्नई पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 61 वर्षीय भारती के रूप में हुई है, जो पहले CISF में तैनात था। उसे वर्ष 2011 में CISF से बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उसने अपराध की राह पकड़ ली और खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों को डराने-धमकाने लगा।

आरोपी खासतौर पर बुजुर्ग नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। वह खाकी पैंट पहनकर खुद को पुलिस अधिकारी बताता, किसी पुराने अपराध या जांच का बहाना बनाता और फिर मौके का फायदा उठाकर सोने की अंगूठी, चेन या अन्य गहने लूट लेता

🕵️‍♂️ 15 साल से कर रहा था अपराध

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब 15 वर्षों से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था। हाल ही में टी. नगर इलाके में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग से सोने की अंगूठी लूटने के बाद पुलिस हरकत में आई और सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंची।

👥 साथी भी गिरफ्तार, हथियार और सोना बरामद

इस मामले में पुलिस ने आरोपी के एक सहयोगी रविचंद्रन (54) को भी गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने:

  • लूटे गए सोने के गहने
  • 8 ग्राम के दो सोने के बिस्किट
  • एक गोली मैगजीन
  • 10 जिंदा कारतूस

बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को लेकर पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल किसी और अपराध में तो नहीं हुआ।

⚖️ कोर्ट में पेशी, न्यायिक हिरासत

दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस को आशंका है कि चेन्नई के अलग-अलग इलाकों में दर्ज कई पुरानी लूट की घटनाओं में भी इनका हाथ हो सकता है।

🚨 सुरक्षा के लिए पुलिस की अपील

चेन्नई पुलिस ने नागरिकों, खासकर बुजुर्गों से अपील की है कि:

  • बिना पहचान पत्र किसी भी व्यक्ति को पुलिसकर्मी न मानें
  • संदिग्ध स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर सूचना दें
  • घर के बाहर अजनबियों से बातचीत में सावधानी बरतें

📌 निष्कर्ष

यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि वर्दी का गलत इस्तेमाल कर अपराधी लोगों को गुमराह कर सकते हैं। एक समय देश की सुरक्षा में शामिल रहा व्यक्ति जब अपराध के रास्ते पर चलता है, तो यह पूरे सिस्टम के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।

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