फर्ज और इंसानियत की मिसाल: भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर देवदूत बने CISF के जवान, सूझबूझ से बचाई एक शख्स की जान

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CISF, Biju Patnayak International Airport

क्या हो जब ड्यूटी के दौरान अचानक कोई साथी जमीन पर गिर पड़े और उसकी सांसें थमने लगें? भुवनेश्वर के बीजू पटनायक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुक्रवार को कुछ ऐसा ही हुआ, जिसने वहां मौजूद हर शख्स की धड़कनें बढ़ा दीं। लेकिन, वहां तैनात CISF के जवानों ने दिखा दिया कि वे सिर्फ सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने के लिए भी हमेशा तैयार रहते हैं।

अचानक बिगड़े हालात और देवदूत बनकर आए जवान

घटना उस वक्त की है जब एयरपोर्ट के स्क्रीनिंग पॉइंट पर तैनात ILHBS का एक कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। ऐसे मौके पर अक्सर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन सीआईएसएफ (CISF) के जवान डिंपल कुमार ने गजब की फुर्ती और ‘प्रेजेंस ऑफ़ माइंड’ (presence of mind) दिखाया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए बेहोश कर्मचारी को सीपीआर (CPR) देना शुरू कर दिया।

डिंपल कुमार की यह कोशिश रंग लाई और उनकी त्वरित कार्रवाई मरीज की जान बचाने में बेहद अहम साबित हुई। इस मुश्किल घड़ी में वे अकेले नहीं थे; उनके साथी जवान डीपी गुप्ता ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में पूरा सहयोग दिया और मेडिकल सहायता आने तक स्थिति को संभाले रखा।

डॉक्टरों ने भी माना- सही समय पर मदद ने बचाई जान

जान बचाने के इस प्राथमिक प्रयास के बाद, कर्मचारी को तुरंत कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे आगे के इलाज के लिए भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने भी CISF जवानों की जमकर तारीफ की है। डॉक्टरों का साफ़ कहना है कि जवानों की सतर्कता, साहस और सही समय पर दिए गए सीपीआर ने ही उस शख्स की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हर तरफ हो रही है सराहना

इस साहसिक कार्य की हर तरफ चर्चा और सराहना हो रही है। CISF ने भी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस घटना की जानकारी साझा की है। उन्होंने अपने जवानों की इस मानवतापूर्ण सेवा और समर्पण को रेखांकित किया, जो उनकी सुरक्षा ड्यूटी से कहीं बढ़कर है।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि वर्दी के पीछे एक संवेदनशील इंसान भी होता है, जो जरूरत पड़ने पर किसी की भी जान बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा सकता है।

सादृश्य (Analogy): जिस तरह एक ढाल तलवार के वार से बचाती है, ठीक उसी तरह डिंपल कुमार का सीपीआर उस कर्मचारी और मौत के बीच एक मजबूत ढाल बनकर खड़ा हो गया।

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